कर्मचारी भर्ती में पहचान दस्तावेजों की सुरक्षा
नौकरी की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों से पहचान, पता और कर सत्यापन के लिए सरकारी दस्तावेज मांगे जाते हैं। लेकिन पूर्ण 12-अंकीय आधार कार्ड की अनमास्क्ड फोटोकॉपी लेना और रखना कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के लिए कानूनी व सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।
कंपनियों और एचआर विभागों के लिए मास्क्ड आधार क्यों जरूरी है?
- डीपीडीपी अधिनियम 2023 का अनुपालन: नए भारतीय डेटा संरक्षण कानून के तहत कंपनियों (डेटा फिड्यूशरी) के लिए ‘डेटा न्यूनीकरण’ (Data Minimization) का पालन करना अनिवार्य है। एचआर फाइलों में अनमास्क्ड आधार और खुले क्यूआर कोड रखना अनुपालन का उल्लंघन माना जा सकता है।
- बाहरी लीक से बचाव: बायोडाटा और सत्यापन दस्तावेज अक्सर बाहरी बैकग्राउंड वेरिफिकेशन एजेंसियों और रिक्रूटर्स के पास जाते हैं, जहां डेटा लीक होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
- बायोमेट्रिक डेटा की सुरक्षा: आधार के क्यूआर कोड में व्यक्ति का पूरा जनसांख्यिकीय डेटा छिपा होता है। इसे ब्लर करके साझा करने से पहचान भी सिद्ध हो जाती है और संवेदनशील जानकारी भी सुरक्षित रहती है।