होटल चेक-इन बनाम नागरिक गोपनीयता
भारत में किसी भी होटल या रिसॉर्ट में चेक-इन करते समय पहचान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना एक सामान्य प्रक्रिया है। सराय अधिनियम (Sarais Act) और राज्य पुलिस नियमों के तहत अतिथियों की पहचान सत्यापित करना अनिवार्य है, लेकिन होटल रिसेप्शन अक्सर पूर्ण, अनमास्क्ड आधार की फोटोकॉपी की मांग करते हैं।
इस प्रथा के कारण होटलों के बैक-ऑफिस में बिना किसी सुरक्षा के हजारों नागरिकों के संवेदनशील दस्तावेज़ असुरक्षित पड़े रहते हैं।
कानूनी ढांचा: कानून वास्तव में क्या कहता है?
1. पुलिस अतिथि रजिस्टर (फॉर्म एफ)
स्थानीय पुलिस नियमों के अनुसार होटलों को अपने ठहरने वाले अतिथियों का एक रजिस्टर रखना होता है, जिसमें निम्नलिखित विवरण दर्ज किए जाते हैं:
- अतिथि का पूरा नाम और स्थायी पता।
- आगमन और प्रस्थान की तारीख।
- पहचान पत्र का प्रकार और नंबर (जैसे
आधार XXXX-XXXX-1234यावोटर आईडी ABC1234567)।
सराय अधिनियम या पुलिस नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत होटल को पूर्ण 12-अंकीय अनमास्क्ड आधार की प्रति रखना अनिवार्य हो। अंतिम 4 अंक और सत्यापित पता दर्ज करना विनियामक जांच के लिए पर्याप्त है।
2. UIDAI के आधिकारिक निर्देश
मई 2022 में UIDAI ने स्पष्ट किया कि होटल, मॉल और सिनेमा हॉल जैसी निजी संस्थाओं को पूर्ण आधार नंबर मांगने या उसकी प्रति रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
UIDAI ने नागरिकों को केवल मास्क्ड आधार साझा करने की सलाह दी है, जिसमें पहले 8 अंक छिपे रहते हैं।
होटल में चेक-इन करते समय सुरक्षा के उपाय
- यात्रा से पहले मास्क करें: अपने फोन में मास्क्ड आधार का सुरक्षित A4 PDF तैयार रखें।
- उद्देश्य वॉटरमार्क लगाएं:
केवल [होटल का नाम] चेक-इन हेतु — कमरा आरक्षण रहने की अवधि: DD/MM/YYYY से DD/MM/YYYY - वैकल्पिक पहचान पत्र साथ रखें: यदि होटल कर्मचारी मास्क्ड आधार को लेकर असमंजस में हों, तो ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी देना एक सुरक्षित और त्वरित विकल्प है।